लॉकडाउन और आपके मानसिक(Mental) स्वास्थ्य का प्रभाव

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कोरोना वायरस दुनिया भर के लिए एक घातक महामारी का माहौल बना रहा है। कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर में चिंता फैल रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा इस प्रकार की घातक महामारी के संकट के दौरान लोगों को कई प्रकार की अन्य सावधानियां रखनी जरूरी है।

कई लोग मानसिक(mental) बीमारी के शिकार होते जा रहे हैं लोगों को इस महामारी की चिंता मानसिक रूप से बीमार कर रही है। कोरोना वायरस का डर और चिंता लोगों के दिमाग में पूरी तरह से फिट हो चुकी है। ऐसे में लोग अपनी आपके मानसिक स्वास्थ्य को खो रहे हैं। कोरोना वायरस की वजह से लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर करीब 20% असर पड़ता नजर आ रहा है। देश भर में 20% लोग मानसिक मरीज बनते दिख रहे हैं। डब्ल्यूएचओ द्वारा प्राप्त रिपोर्ट में पाया गया है। कि देश भर में 20% मानसिक रोगी(mental) बड़े हैं। कई लोगों को पर्यटन के पश्चात भी मेंटली अनफिट लिखा गया है।

*कोरोना वायरस की वजह से पूरे विश्व में मानसिक रोगियों की संख्या में हुई वृद्धि

पूरे विश्व भर में लोग इस बार कोरोना वायरस को देखते हुए अपने आपको मानसिकता(mental) का शिकार बनाते जा रहे हैं। हालांकि चाइना में यह वायरस पूरी तरह से काबू हो गया है। लेकिन फिर भी इस वायरस का डर लोगों के मन से उभरा नहीं है। आईसीएमआर की रिपोर्ट के अनुसार हर 5 साल में एक बार के व्यक्ति किसी न किसी वजह से मानसिकता का शिकार होता जा रहा है। लेकिन इस महामारी की वजह से मानसिकता के शिकार होने वालों की संख्या अधिक तेजी से वृद्धि करती हुई नजर आ रही है। दुनिया भर में 1% व्यक्ति जो स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के रूप में काम करते हैं। जो प्रतिवर्ष मानसिक रूप से बीमार हो जाते हैं।

कोरोना वायरस कि मरीज जिनको क्वाटराईनं और आइसोलेशन करने के पश्चात उन्हें मानसिक(mental) रूप से तबीयत बिगड़ती हुई नजर आ रही है। कई व्यक्ति ऐसे भी मिले हैं जो कोरोना पॉजिटिव मिलने के पश्चात मानसिकता के शिकार भी होते जा रहे हैं। मानसिक रोगियों की संख्या पर इस वायरस की वजह से काफी ज्यादा असर देखने को मिला है।

देशभर के सभी मनोज चिकित्सकों द्वारा तथा सबसे बड़े एसोसिएशन इंडिया साइकियाट्रिक सोसायटी के सर्वे के अनुसार आई रिपोर्ट में पता चला है। कि कोरोनावायरस के आने के पश्चात देश में मानसिक रोगियों की संख्या में एकदम से बढ़ोतरी हुई है। उनमें से जो व्यक्ति कोरोनावायरस मिले हैं। उनमें भी मानसिक बीमारी देखने को मिली है। देशभर में मानसिक रोगों से पीड़ित मरीजों की संख्या 10 से 20% तक बढ़ चुकी है।

सभी के अनुसार पता चला है,कि पिछले 1 हफ्ते में यह संख्या एकदम से बढ़ती हुई नजर आ रही है। क्योंकि कोरोनावायरस एक वैश्विक महामारी बन गया है। इसकी वजह से लोगों को अपने घरों में ही रहना पड़ रहा है। क्योंकि पूरा भारत इस महामारी से बचने के लिए लॉक डाउन कर दिया गया है और लोग डाउन के चलते नौकरी बिजनेस बचत कमाई इत्यादि, की चिंता के साथ-साथ कोरोनावायरस की चिंता लोगों को सता रही है।

*कोरोना वायरस से पहले मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

साल 2020 के जनवरी के शुरुआती दौर में इंडियन काउंसलिंग फॉर मेडिकल रिसर्च द्वारा आयोजित कोर्ट में पता चला है। कि हर 5 साल में एक भारतीय किसिंग किसी व्यक्तिगत या अन्य वजह से मानसिक बीमारी के शिकार हो रहे हैं। लेकिन कोरोना वायरस के बाद यह आंकड़ा तेजी से बढ़ता हुआ नजर आ रहा है। कोरोनावायरस से पहले मानसिक रोगियों मे भारत का नंबर काफी नीचे आ रहा था।

और भारत में करीब 5 सालों में एक या दो व्यक्ति ही मानसिक(mental) रोग का शिकार हो रहे थे। दुनिया भर के सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं में केवल 1% हेल्थ वर्कर जो मेंटल लोगों के इलाज से जुड़े हुए है। उनमें भारत का आंकड़ा और भी कम है। क्योंकि भारत में हर 5 साल में एक व्यक्ति या दो व्यक्ति मानसिक बीमारी के शिकार होते हैं। ऐसे में अधिक मेंटल स्वास्थ्य कर्मियों की आवश्यकता नहीं होती है।

भारत के अलावा पूरे विश्व की बात की जाए तो भी कोरोना वायरस से पहले मानसिक(mental) खुद से ज्यादा लोग बीमार नहीं हो रहे थे। लेकिन इस वायरस के पश्चात मानसिक रोगियों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।

*कोरोना वायरस के बाद मानसिक(mental) स्वास्थ्य पर प्रभाव

कोरोनावायरस इसके पश्चात भारत के साथ-साथ विश्व मानसिक(mental) रूप से लोग बीमार होते जा रहे हैं। मानसिक रूप से बढ़ रही है बीमारी एक चिंता का विषय बन रही है। इधर कोरोनावायरस की महामारी से लोग ढूंढ रहे हैं और उधर इस महामारी की वजह से लोगों में पैदा डर और चिंता मानसिक रूप से लोगों को बीमार बना रही है। कोरोना वायरस के पश्चात 15 से 20% मानसिक रोगियों में बढ़ोतरी हुई है।

किंग कॉलेज लंदन ने हाल ही में लोगों पर आइसोलेशन और क्वॉरेंटाइन के असर को लेकर 1 रिव्यू किया उसके अनुसार पता चला है। कि लोगों में इस वायरस के संक्रमण का डर, चिड़चिड़ापन,जानकारी की कमी और घरेलू सामान की आपूर्ति नहीं होने की कमी इस प्रकार की दिक्कतें सामने आ रही है और ऐसे में लोग मानसिक बीमारी के शिकार होते जा रहे हैं।

कोरोनावायरस के संक्रमण के पश्चात लोगों में और भी भयानक दर्द पैदा हो रहा है। कोरोनावायरस संक्रमण के पश्चात लोग अधिक संख्या में मानसिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं। कई प्रकार की अजनो तथा रिसर्च के अनुसार मनोवैज्ञानिकों ने मानसिक रोगी में कई प्रकार के लक्षण बताएं हैं। मनोवैज्ञानिकों के अनुसार भावनात्मक अस्थिरता, अवसाद, तनाव, उदासी, चिंता, पैनिक (घबराहट), नींद न आना, गुस्सा इस प्रकार के लक्षण मानसिक रोगी में नजर आते हैं।

*कोरोना वायरस से प्रभावित मानसिक(mental) मानसिक का फ्लो चार्ट

1. कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण लोगों में मानसिक बीमारी बढ़ती जा रही है। कोरोनावायरस से पहले मानसिक बीमारी से 1% लोग संक्रमित थे जो अब बढ़कर 15 से 20% हो गए हैं।

2 कोरोनावायरस के कारण 73% लोगों में उदासी देखने को मिली है जो पहले 5 -10 % तक थी।

3. इस वायरस के संक्रमण के 57% लोगों में चिड़चिड़ापन की समस्या देखने को मिली है। इससे पहले यह समस्या 5 से 7% लोगों में थी।

4. इस महामारी के पश्चात जो लोग इस वायरस से संक्रमित हो गए हैं। उनमें से 17% लोगों में गुस्सा देखने को मिला है। जो पहले ना के बराबर था।

5. इस महामारी के पश्चात लोगों एंग्जायटी डिसऑर्डर की समस्या 3 से 5% देखने को मिली है। जो पहले बिल्कुल ना के बराबर थी।

6. इसके अलावा माता-पिता की तुलना में बच्चों में

क्वारैंटाइन की वजह से 4 गुना अधिक तनाव देखने को मिला है।

*लॉक डाउन के पश्चात मानसिक(mental) स्वास्थ्य पर प्रभाव

इस वायरस की महामारी से बचने के लिए पूरे भारत में लॉक डाउन कर दिया है। विश्व में भी कई देशों में इस वायरस के बचाव को लेकर लॉक डाउन कर दिया गया है। हालांकि लोग डाउन के पश्चात कि लोगों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। लोग अपने व्यापार और घर की जरूरी चीजों को लेकर काफी ज्यादा चिंतित नजर आ रहे हैं। लॉक डाउन के पश्चात भी मानसिक रोगियों की संख्या लगातार उसी तरह से बढ़ रही है।

पूरे विश्व में लॉक डाउन का असर लोगों पर पड रहा है। कोरोना वायरस के साथ-साथ लॉक डाउन कर तनाव लोगों को मानसिक रूप से कमजोर करता जा रहा है। विश्व में नॉक डाउन के कारण लोगों को अपने व्यापार की चिंता और मजदूर वर्ग के लोगों को अपनी रोजी रोटी की चिंता सता रही है। हालांकि सरकार मजदूर वर्ग के लोगों को आर्थिक रूप से सहायता दे रही है।

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One thought on “लॉकडाउन और आपके मानसिक(Mental) स्वास्थ्य का प्रभाव

  • January 12, 2021 at 9:57 am
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    Thank you for sharing your info. I truly appreciate your efforts and I will be waiting for your next write ups thank you once again. Serena Cesaro Acey

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